पाचन तंत्र से विगत परीक्षाओ मे आए प्रश्न - Previous Years Examination Questions of Digestive System

Digestive System Questions and answers

Digestive System Questions and answers  in Hindi


➤ पित्त का स्रोत यकृत होता है। 
➤ डायस्टेज एन्जाइम का स्रोत लार ग्रंथि होती है। 
➤ मानव जठर मे प्रोटीन का पाचन के लिए उत्तरदायी अनुकूलतम परिवेश अम्लीय होता है 
➤ 'एमाइलेज' मेंड़ को घुलनशील सर्करा मे बदल देता है। 
➤'लाइपेज़ ' इम्ल्सिफाइड वस्तुओ को ग्लिसरीन तथा फैटी एसीड्स मे बदल देता है। 
➤मुख से निकली लार मंड(स्टार्च ) का पाचन करती है। 
➤ मानव शरीर का सबसे बड़ा अंग यकृत होता है। 
➤ हमारे शरीर मे त्वचा की सतह के नीचे मौजूद वसा शरीर से ऊष्मा की क्षति के विरुद्ध अवरोधक का कार्य करती है। 
➤सिग्मारूपी बृहदांत्र बड़ी आंत का भाग होता है। 
मेलैनिन मानव त्वचा को रंग देने वाला वर्णक  होता है। 
➤ सबसे अधिक अपवर्तनांक वाला आँख का अंग लेंस होता है। 
निकटदृष्टि दोष ( मायोपिया ) होने के कारण,एक आदमी 10 मी. की दूरी पर साफ नही देख पाता।   
सही अवतल लेंस का प्रयोग करके, मानव की आँख मे निकट दृष्टि दोष को ठीक किया जा सकता है। 
➤ एक वर्णांध व्यक्ति कुछ रंगो के बीच भेद नहीं का पाता। 
➤ नाभिकीय विकिरण का अत्यधिक दुष्प्रभाव सबसे पहले मानव की आखों पर पड़ता है। 
➤ मनुष्य का पाचन तंत्र आहार नाल एवं संबद्ध पाचन ग्रंथियो मे विभक्त होता है। 
➤ आहारनाल मनुष्य के मुख द्वार से गुदा द्वार के मध्य एक 32 से 36 फीट लंबी नली होती है।  
➤ मनुष्य के दाँतो के ऊपरी हिस्से या शिखर मे इनैमल का चमकीला स्तर पाया जाता है। जो मानव शरीर का कठोरतम भाग होता है। 
➤भोजन के पाचन की क्रिया  मुखगुहा से आरंभ होती है। 
➤ मनुष्य मे प्रतिदिन लगभग 1.5 लीटर लार निकलता है। 
➤लार की प्रकृति अम्लीय होती है। जिसका PH मान 6.8 होता है। 
➤ आमाशय मे भोजन के रुकने की अवधि लगभग 4 घंटे होती है।  
➤ आमाशय मे हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ऑक्सिंटिक कोशिकाओ द्वारा निकलता है। 
➤HCL के कारण लार टायलिन की क्रिया को समाप्त कर देता है। 
➤ आमाशय मे निकलने वाले जठर रस ( Gastric Juice ) मे पेप्सिन एवं रेनिन एंजाइम होते है। 
पेप्सिन , प्रोटीन को खंडित कर सरल पदार्थों ( पेप्टोंस ) मे परिवर्तित कर देता है।    
➤ ठोस प्रोटीन, केसीनोजेन नामक प्रोटीन को कैल्सियम पैराकेसिनेट के रूप मे बदल देता है। 
➤ भोजन जब पकवाशय मे पहुचता  है तो इसमे यकृत से निकालने वाला पित्तरस आकार मिलता है एवं भोजन को क्षारीय बना देता है।   
➤ अग्न्याशय रस मे तीन प्रकार के एंजाइम पाये जाते है, ट्रिप्सिन, एमाइलेज एवं लाईपेज ।  
➤ट्रिप्सिन,  प्रोटीन तथा पेप्टोन को पोलिपेप्टाइड्स तथा अमीनों अम्ल मे बदल देता है।  
➤ छोटी आंत से निकलने वाले रस मे इरेप्सिन माल्टेज, सुक्रोज़, लैक्टेज एवं लाईपेज एंजाइम पाये जाते है। 
➤ यकृत प्रोटीन के उपापचय मे सक्रियता से भाग लेता है। और प्रोटीन विघटन के फलस्वरूप उत्पन्न विषैले अमोनिया को यूरिया मे बदल देता है। 
➤ प्रोटीन की अधिकतम मात्रा यकृत द्वारा कार्बोहाइड्रेट मे बदल दी जाती है। 
मृत RBC कोशिकाओ को यकृत ही नष्ट करता है। 
➤ यकृत मे अल्प मात्रा मे लोहा,तांबा एवं विटामिन संचित रहते है। 
➤ पित्त मे जल 85% तथा पित्त वर्णक 12% होता है। 
➤ पित्त विटामिन- K एवं कुछ अन्य विटामिनो के अवशोषण मे सहायता करता है। 
➤लैंगरहैन्स की द्वीपिका मे ग्लूकागोन a- कोशिका से तथा सोमेस्टोस्टेटिन नामक हार्मोन y कोशिका से स्त्रवित होता है। 
➤ इंसुलिन की खोज वेटिंग एवं वेस्ट द्वारा 1921 मे की गयी। 
➤ इंसुलिन, ग्लूकोज से ग्लाइकोजेन बनने की क्रिया को नियंत्रित करता  है। 
➤ भोजन की स्वांगीकरण की अवधि को पोलिपेप्टाइड हार्मोन सोमेस्टोस्टेटिन द्वारा बढ़ाया जाता है। 
➤ मानव गुर्दे मे बनने वाली पथरी, कैल्सियम ओक्जलेट की बनी होती है। 
➤ सबसे बड़ी लार ग्रंथि पैरोटिड ग्रंथि होती है। 
➤ मानव के आमाशय की लम्बाई 26 से.मी. होती हैं। 
➤ मनुष्य मे छोटी आंत की लम्बाई लगभग 6-7 मी. होती है। 
➤ मनुष्य के आहारनाल मे दो अवशेषी अंग सीकम एवं वर्मिफार्म एपेंडिक्स होते है। 
➤ दाँत का बाहरी कठोर भाग डेंटीन का बना होता है। 
➤ जठर ग्रंथि प्रतिदिन लगभग 1 -3 ली. जठर रस ( उच्च अम्लीय ) का स्त्रावन करती है। 
➤ जठर रस मे हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की मात्रा 0.2 % से 0.5 % होती है। 
➤ हाइड्रोक्लोरिक अम्ल फनडिक ग्रंथि द्वारा स्त्रवित होता है। 
➤ पेप्सिन तथा रेनिन का स्त्रावन पाइलोरिक ग्रंथि करती है। 
➤ पैकियोजाइमीन नामक हार्मोन छोटी आंत मे स्त्रवित होता है 
➤ अग्न्याशय रस की अधिकतम क्षारीयता सोडियम बाईकार्बोनेट के कारण होती है। 
➤ लैक्टोज़ का कार्य - यह दूध की शर्करा को गलेक्टोस मे परिवर्तित करता है। 
➤ सामान्य मानव मे प्रतिदिन लगभग 300 से 1000 मिली. पित्त का स्त्रावन होता है। 
➤ पित्त वर्णक, यकृत की भक्षी कोशिकाओ से बनाते है। 
➤ भोजन के पाचन की प्रक्रिया मुख से प्रारम्भ होती है। 


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